Andhra Bank
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टोल फ्री नंबर: 1800 425 1515

 
एबी डाक्टर प्लस
 
चिकित्साट विज्ञान की किसी भी शाखा में योग्याता प्राप्तर मेडिकल प्रैक्टीठशनर और डाक्टभरों को वित्तोपोषण प्रदान करने की योजना .

 

  उद्देश्यट

  • उपस्क्र खरीदने के लिए
  • क्लिनिक, एक्सन – रे लैब, पैथोलॉजिकल क्लिनिक, पॉली क्लिनिक आदि के गठन के लिए
  • अम्बुिलेन्सच वाहन, कंप्यूंटर आदि खरीदने
  • रोगियों की चिकित्सास रिकार्ड की ट्रैक रखने के लिए और बिलिंग के लिए चिकित्सा साफ्टवेयर खरीदने के लिए
  • चिकित्सा‍ पेशे से संबंधित किन्हीं अन्यऔ गतिविधियों के लिए
 
  पात्रता

एकल व्य क्ति/साझेदार फर्म/ लिमिटेड कंपनी/ न्या‍स ऋण के लिए पात्र हैं. मुख्यर प्रवर्तकों को केन्द्रज सरकार/राज्य सरकार द्वारा मान्य्ता प्राप्त् चिकित्सार विज्ञान की किसी भी शाखा में अर्हता प्राप्त् मेडिकल प्रक्टीएशनर और डाक्टहर होने चाहिए.

 

  ऋण की राशि

    क.   ग्रामीण और अर्ध शहरी : संयंत्र और मशीनरी में निवेश Rs 3 लाख की कार्य पूँजी उप सीमा के साथ Rs15 लाख से ज्याकदा नहीं        होना चाहिए.
    ख.   शहरी :संयंत्र और मशीनरी में निवेश Rs 2 लाख की कार्य पूँजी उप सीमा के साथ Rs10 लाख से ज्या दा नहीं होना चाहिए.
 
  मार्जिन

20%
 
  प्रतिभूति

प्राथमिक : बैंक के वित्तवपोषण से सृजित आस्तियों के दृष्टिबंधन द्वारा
 
  पुनर्भुगतान

चुकौती स्थागन अवधि 6 महीनों के सा‍थ अधिकतम 60 महीनों की अवधि में मासिक/त्रैमासिक किस्तोंा में देय
 
  ब्यातज दर

मार्गदर्शी सिद्धांतों के अनुसार
 
  संपार्श्विक प्रतिभूति /td>

मार्गदर्शी सिद्धांतों के अनुसार
 
सरलीकृत व्यासपार वित्तर

एम एस एम ई के अंतर्गत Rs20 लाख तक की ऋण सीमा पात्र है.

 

 पात्रता

शाखा/ट्रेड फाइनैन्सर सेंटर के परिचालन क्षेत्र में आने वाले सभी विद्यमान व्याअपारी, अधिमान्यसतया बिक्री कर रजिस्ट्रे शन के साथ.
 
  ऋणियों के प्रकार

एकल व्यरक्ति, स्वांमित्वक संगठन, साझेदार और लिमिटेड कंपनी (कंपनी के उद्देश्योंो में ऋण लेने की शर्त और व्याेपार रहने चाहिए)
 
  ऋण की राशि.

अधिकतम Rs 100 लाख ( Rs 20 लाख तक एमएमएमई वर्गीकरण के अंतर्गत पात्र हैं)
 
  सुविधा

ओसीसी, केसीसी या डब्यूस सी टी एल के रूप में कार्य पूँजी.तथापि डब्यूप सी टी एल Rs10 लाख तक सीमित है.
 
  निर्धारण प्रक्रिया
 
  मार्जिन

Rs25 लाख तक -10%
Rs25 लाख से अधिक – बैंक मानदंडों के अनुसार
 
  ब्याजज दर*

Rs50 लाख तक – बीएमपीएलआर
Rs50 लाख से अधिक - बीएमपीएलआर +1%
 
  प्राथमिक प्रतिभूति

व्याथपार के स्टॉिक और बही ऋणों के दृष्टि बंधन द्वारा
 
  संपार्श्विक प्रतिभूति

Rs5 लाख तक – एमएसएमई के अंतर्गत आनेवाले खातों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के मानदंडों के अनुसार प्रतिभूति की आवश्य कता नहीं है.
Rs5 लाख से अधिक और Rs10 लाख तक : व्याभपार की आयु से गठित है.
Rs10 लाख से अधिक – प्रस्ता वित सीम का 125%
 
 * बतायी गयी ब्या–ज दरें संकेत मात्र हैं समय समय परिवर्तनाधीन हैं.
 
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