Andhra Bank
Facebook Twitter Youtube

टोल फ्री नंबर: 1800 425 1515

banner
 
एबी किसान ग्रीन कार्ड(किसानों के लिए बहुलार्थ सुविधा योजना)
 
यह योजना 'पट्टाभि अग्रिकार्ड योजना के अंतर्गत कृषि तथा आनुषंगिक कार्यों के लिए सावधि ऋण देने की योजना' मानी जा सकती है. और इसे "आन्‍ध्रा बैंक किसान ग्रीन कार्ड"योजनाका नामकरण किया गया.
 
 उद्देश्‍य 

किसानों को एकल स्रोत योजना के अंतर्गत लचीले और सरलीकृत प्रक्रियाओं के साथ पर्याप्‍त और सामयिक ऋण सुविधा उपलब्‍ध कराने के लिए उद्देश्यित है.  इस योजना के अंतर्गत किसानों को अल्‍प कालिक एवं मध्‍यम कालिक सावधि ऋणों के साथ उपभोग आवश्‍यकताओं की पूर्ति के लिए भी कुछ हद तक ऋण प्रदान किये जाते हैं.

 
ऋण पात्रता


किसान लाभभोगी, जो हमारे बैंक में प्राथमिक कृषि ऋण प्राप्‍त किया हो, और विगत 3 वर्षों से बैंक के साथ उनके लेनदेन संतोषजनक हों.  निजी खेत वाले किसान ही ऋण के लिए पात्र हैं.

 
 वित्‍तीय सहायता का स्‍वरूप

इस योजना के अंतर्गत प्रदान किये गये ऋण सुविधा की प्रकृति कृषि सावधि ऋणध/आनुषंगिक ऋण और अल्‍पावधि ऋण और उपभोग ऋण के लिए परिक्रामी ऋण होंगे.

 
 ऋण की मात्रा
  • ऋण की सीमा वार्षिक कृषि आय के पांच गुने के समान या भूमि के मूल्‍य का  50% होगी बशर्ते कि अधिकतम राशि ` 5.00 लाख  है.
  • न्‍यूनतम कार्ड सीमा ` 25,000/- है.
  • फसल उत्‍पादन के सा‍थ कृषि तथा आनुषंगिक गतिविधियों की कार्य पूँजी आवश्‍यकताओं के आधार पर ऋण राशि तय की जाएगी.  मंजूर की गयी समग्र ऋण सीमा के अंदर, किसान अपनी आवश्‍यकताओं का निर्णय ले सकता है जैसे, कृषि उपकरणों की खरीदी, भूमि विकास, बैल और गाडी की खरीदी, डेरी जानवर, भेड, आदि; कृषि यंत्रों की मरम्‍मत या घरेलू आवश्‍यकताओं, जैसे बीमारी, बच्‍चों की शिक्षा और पारिवारिक कार्य, आदि सहित अन्‍य आवश्‍यकताओं की भी पूर्ति कर सकता है.
  • कुल ऋण सीमा का सीधा संबंध किसान के समग्र प्राक्‍कलित आय और उसकी भुगतान की क्षमता के आधार पर होनी चाहिए
 
 कार्ड की वैधता अवधि

कार्ड सीमा एक वर्ष तक के लिए वैध है और साल ब साल उसका नवीकरण किया जा सकता है.  नवीकरण पत्र के अलावा किसी प्रकार के प्रलेखन की आवश्‍यकता नहीं है.  तथापि तीसरे वर्ष की समाप्ति पर नये प्रलेखों को प्राप्‍त करना चाहिए. किसी भी देय किस्‍त में/अतिदेयों की चुकौती में चूक होने पर कार्डधारक आगे के आहरण के लिए अयोग्‍य ठहराया जाएगा.

 

 परिचालन प्रक्रिया

  • किसान शाखा प्रबंधक को आहरण का उद्देश्‍य,15% मार्जिन राशि निकालने के बाद उसकी अनुमानित लागत  सूचित करना चाहिए.  उपभोग ऋण के लिए आहरण सीमा की 20% से अधिक नहीं होने चाहिए.  आहरण आवश्‍यकता के अनुसार किस्‍तों में भी किये जा सकते है.  प्रत्‍येक उद्देश्‍य के लिए एक अलग खाता खोलने चाहिए और किसान से सलाह मशविरा कर अलग पुनर्भुगतान योजना तैयार करनी चाहिए.
  • किसान, जिसका आवेदन अनुमोदित किया जाता है, को फोटो तथा अन्‍य विवरण सहित एक पहचान पत्र –सह- पास बुक दी जाती है.  वह वांछित राशि को विभिन्‍न अंतरालों में अलग-अलग खाते खोल कर आहरित कर सकता है. खातों की संख्‍या किसी भी समय 5 से अधिक नहीं होने चाहिए.  इन अलग-अलग खातों के लिए अलग-अलग प्रलेखन की आवश्‍यकता नहीं है.
 
 ब्‍याज दर
जैसा कि कृषि ऋणों पर लागू है.  प्रत्‍येक सुविधा को अलग मानना है और तदनुसार ब्‍याज प्रभारित करना है.
 
 रजिस्‍टरों का रख रखाव

जारी किये गये ग्रीन कार्डों के विवरण और योजना के अंतर्गत मंजूर किये गये ऋणों को नोट करने के लिए उपयुक्‍त रूप से डिजाइनकी गयी रजिस्‍टर मेंटेन करना है.

 
 ऋणों का वर्गीकरण
ऋणों को दिये गये उद्देश्‍यों के अनुसार वर्गीकृत करना चाहिए
 
 बीमा कवरेज

  • वैयक्ति दुर्घटना बीमा योजना कवरेज के अंतर्गत ` 50,000/-  तक
  • आई सी डी योजेना के अंतर्गत अग्रिकार्ड योजना के लिए ` 1,00,000/-  तक का वैकल्पिक बीमा कवरेज उपलब्‍ध है
 
 विवेक पूर्ण मान दंड

  • भारतीय रिजर्व बैंक के निर्धारण के अनुसार विवेक पूर्ण मान दंड लागू हैं.
  • किसी एक ऋण सुविधा भी अनर्जक बनने पर अन्‍य ऋण सुविधाओं में आहरण अपने आप रोक दिये जाएंगे.
 
 चुकौती अवधि


अल्‍प कालिक ऋण/ फसल ऋण तथा कृषि तथा आनुषंगिक कार्यों के लिए कार्य पूँजी परिक्रमी ऋण के रूप में उपलब्‍ध कराये जाएंगे, जिसे प्रति वर्ष 30 जून से पहले चुकाना चाहिए.  सावधि ऋण राशि का भुगतान विद्यमान मार्गदर्शी सिद्धांतों के अनुसार ऋण/निवेश के स्‍वरूप के अनुसार चुकाना चाहिए.

 
chiclogo