Andhra Bank
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कॉर्पोरेट अनुशासन – आचरण कूट
 
  संहिता की आवश्यसकता एवं उद्देश्य


स्टॉतक एक्सतचेंज के साथ किए गए लिस्टिंग करार के खण्डी 49 के अनुसार कॉर्पोरेट अनुशासन के भाग के रुप में सूचीबद्ध इकाइयों को इकाई के निदेशक मंडल और इसके वरिष्ठस प्रबधंन के लिए आचरण संहिता निर्धारित करना आवश्येक है। वरिष्ठे प्रबंधन की परिभाषा में निदेशक मंडल को छोडकर केन्द्री य प्रबंधन के सदस्यत और कार्यदायित्वे प्रमुख शामिल हैं। तदनुसार, बैंक ने अपने निदेशक मंडल और अपने केन्द्री य प्रबंधन के लिए आचरण संहिता निर्धारित की है। केन्द्रीतय प्रबंधन के सभी कार्यदायित्वु प्रमुख(किसी भी श्रेणी/वेतनमान के) और सभी महाप्रबंधक शामिल हैं।

 
  बैंक की आस्थारएं


आचरण संहिता मार्गदर्शी सिद्धांतों को निरूपित करने का प्रयास है, जिन पर बैंक का परिचालन और इसके अनेक हितधारकों, सरकारी व नियामक एजेंसियों, प्रसार माध्यहम और अन्यन सभी संबंधितों के साथ दैनंदिन व्यकवसाय में किया जाने वाला व्यपवहार आधारित है। संहिता मानाता है कि बैंक सार्वजनिक धन का न्याऔसी एवं संरक्षक है और विश्वास्त् के रूप में अपने दायित्वोंय व जिम्मे दारियों के निर्वाह हेतु इसे अपनी आस्थान व विश्वानस का स्तषर बनाये रखना होगा और समाज का विश्वा स व भरोसा प्राप्ति करना होगा।

बैंक अपने द्वारा किए गए प्रत्येरक संव्यीवहार की संपूर्णता को बनाए रखने की आवश्यतकता का महत्वग जानता है और उसे विश्वावस है कि उसके आंतरिक आचरण में प्रामाणिकता व विश्व सनीयता को उसके बाहरी व्यनवहार से आंका जाएगा। बैंक अपने परिचालन क्षेत्र के सभी क्रियाकलापों में संबंधित देशों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है। अपने ग्राहकों और जनता के बीच बैंक अपनी प्रतिष्ठाच के प्रति जागरूक है और अपने दायित्वोंं का निर्वाह करते हुए इसे बनाए रखने एवं बेहतर बनाने के लिए बैंक सभी तरह से प्रयास करेगा। बैंक ग्राहक केन्द्री त और वित्तीनय दक्षता को बढावा देने वाली नीतियों को लागू करता रहेगा।

 
  संहिता का दर्शन

संहिता की परिकल्पाना एवं अपेक्षाएं निम्ना नुसार हैं: -
  1. व्यरक्तिगत एवं व्याठवसायिक संबंधों के बीच हितों में वास्तरविक या प्रकट परस्पतर विरोधी स्थितियों में प्रामाणिकता व नीतिपरक व्यरवहार के श्रेष्ठठतम मानकों का, उचित व नैतिक कार्यपद्ध्तियों सहित अनुपालन
  2. सरकारी व विनियामक एजेंसियों को बैंक द्वारा प्रस्तुोत की जाने वाली आवधिक रिपोर्टों में आवश्यपक जानकारी का संपूर्ण, उचित, तर्कसंगत और अर्थपूर्ण प्रकटीकरण
  3. लागू विधि, नियम और विनियमों का अनुपालन
  4. बैंक की आस्तियों और संसाधनों के दुरुपयोग या गलत तरीके से लागू करने को रोकने के उपाय.
  5. बैंक में आंतरिक रूप से व बैंक के बाहर गोपनीयता और उचित व्यावहार का सर्वोच्चप स्तआर
  1. आचरण के सामान्य मानक

    Tबैंक के सभी निदेशकों और केन्‍द्रीय प्रबंधन के सदस्‍यों से अपेक्षा रखता है कि अच्‍छे विवेक के साथ कार्य करें, जिससे ग्राहकों, कर्मचारियों और अन्‍य हितधारकों का हित, सुरक्षा और कल्‍याण सुनिश्चित हो और व्‍यावसायिक संगठन में सहयोगपूर्ण, कार्यक्षम, सकारात्‍मक, सुसंगतिपूर्ण और उत्‍पादक कार्यानुकूल वातावरण बना रहे। निदेशक और केन्‍द्रीय प्रबंधक के सदस्‍य अपने कार्यालय के दायित्‍वों का निर्वाह प्रामाणिकता के साथ और उचित जांच पड़ताल के तहत करें। उनसे अपेक्षा की जाती है कि कार्य में उनकी सतर्कता और दक्षता का वह स्‍तर हो, जो किसी सामान्‍य व्‍यक्ति द्वारा अपने खुद के व्‍यवसाय में अपनाया जाता है। बैंक‍ के भवन परिसर में, भारत में या बाहर के देश में जहां बैंक का व्‍यावसायिक अस्तित्‍व है बैंक परिसर के बाहर, बैंक द्वारा प्रायोजित व्‍यावसायिक और सामाजिक प्रसंगों में या किसी अन्‍य स्‍थान पर बैंक के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हुए इन मानकों का अनुसरण करना आवश्‍यक है।

  2. हितों में परस्‍पर विरोध

    जब निदेशक मंडल या केन्द्रीपय प्रबंधन के किसी सदस्य के व्येक्तिगत हित बैंक के हित के रास्तेआ में आते है, तब हितों में परस्पदर विरोध की स्थिति पैदा होती है। निदेशक मंडल या केन्द्रीेय प्रबंधन का प्रत्ये क सदस्यआ बैंक, बैंक के हितधारकों और एक दूसरे के प्रति जिम्मेसदार होता है। यद्यपि, उसका यह कर्तव्यी उसे व्य्क्तिगत संव्यआवहार एवं निवेश करने से नही रोकता, तथापि उससे यह अपेक्षा रखता है कि वह हितों में परस्पपर विरोध की स्थिति या ऐसी संभाव्यय स्थिति पैदा न होने दें। उनसे यह अपेक्षा होती है कि वे अपने कर्तव्यि का निर्वाह इस प्रकार करें कि वे बैंक के हितों के रास्तेक में न आए। जैसे कि:

    • नौकरी/ बाहरी नौकरी केन्द्री य प्रबंधन के सदस्यों से अपेक्षित है कि वे अपना पूरा ध्या न बैंक के व्याीवसायिक हितों में समर्पित करें। उन पर यह प्रतिबंध लगाया गया है कि वे किसी ऐसे क्रियाकलाप से संबद्ध न हो जाएं, जो बैंक के प्रति उनके कार्यनिष्पारदन या जिम्मेगदारियों के रास्तेि में बाधा बनते हों या अन्य,था बैंक के हित के विरोधी या बाधक हो।
    • व्यारवसायिक हित: यदि निदेशक मंडल या केन्द्रीाय प्रबंधन का कोई सदस्य बैंक के ग्राहक, आपूर्तिकर्ता या प्रतियोगी द्वारा जारी प्रतिभूतियों में निवेश करना चाहता हो, तो उसे यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इन निवेशों की वजह से उसे बैंक के प्रति जिम्मे दारियों से कोई समझौता न करना पड़े। कहीं हितो में परस्पनर विरोध तो नही हैं, यह तय करने के लिए निवेश का आकार और स्वमरुप जैसे कई घटक, बैंक के निर्णयों को प्रभावित करने की उनकी क्षमता और बैंक तथा ग्राहक, आपूर्तिकर्त्ताै या प्रतियोगी के बीच संबंधों का स्व्रूप, इन सबको ध्याआन में लिया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त् उन्हें बैंक को ऐसे हित को प्रकट कर देना चाहिए, जो बैंक के व्यकवसाय के विरोध में हो सकता है।
    • संबद्ध पक्ष : सामान्यध नियमों के अनुसार, निदेशक और केन्द्रीाय प्रबंधन के सदस्यय को अपने रिश्ते‍दार या किसी अन्यस व्यणक्ति के साथ ऐसे फर्म, कंपनी, एसोसिएशन के साथ, जिसमें उनके रिश्तेयदार या अन्य् व्येक्ति किसी महत्वंपूर्ण भूमिका में संबद्ध हो, के साथ बैंकिंग व्यनवसाय करना टालना चाहिए।

    रिश्तेबदार में निम्ने शामिल होंगे:

    • पति/पत्नी
    • पिता
    • माता(सौतेली माता सहित)
    • बेटा (सौतेले बेटे सहित)
    • बहू
    • पुत्री (सौतेली पुत्री सहित)
    • दादा
    • दादी
    • नानी
    • नाना
    • पोता
    • बेटे की बहू
    • पोती
    • बेटे का दामाद
    • दामाद
    • नाती/ बेटी का बेटा
    • बेठी के दामाद
    • नाती/बेटी की बेटी
    • बेटी का दामाद
    • भाई (सौतेले भाई सहित)
    • भाभी
    • हिन (सौतेली बहिन सहित)
    • बहनोई
  3. यदि इस रिश्तेंन के व्य।क्ति के साथ संव्य वहार अनिवार्य हो, तो उन्हें रिश्तेोदार के साथ संवयहार के स्वारूप को, समुचित प्राधिकारी को प्रकट करना चाहिए। रिश्ते। में व्याक्ति के साथ कोई भी व्यरवहार इस तरह किया जाए कि उस पक्ष को वरीयता या तरजीह नहीं दी जाती है।
  4. किसी अन्यत संव्य्वहार या स्थिति, जो हितों में परस्प्र विरोध की स्थिति पैछा करे, के विषय में उसके परिणामों के विषय में समुचित प्राधिकारी द्वारा उचित विचार विमर्श के बाद निर्णय लिया जाए।
  5. बैंक के निदेशक और केन्द्रीेय प्रबंधन को संबंधित विधि, विनियमों, नियमों और विनियामक आदेशों का अनुपालन करना आवश्यकक है। किसी अधूरे अनुपालन या अनुपालन न करने की स्थिति बाद में ध्या्न में आती है, तो इसकी सूचना उन्हें संबंधित प्राधिकारियों को दे देनी चाहिए।
  6. प्रकटीकरण के मानक

    सरकारी व विनियामक, एजेंसियों को बैंक द्वारा प्रस्तुीत की जाने वाली आवधिक रिपोर्टों में आवश्य क जानकारी का संपूर्ण, उचित, त्रुटिहीन, तर्कसंगत और अर्थपूर्ण प्रकटीकरण बैंक द्वारा किया जाएगा। बैंक के केन्द्री य प्रबंधन के सदस्य् मंडल, लेखा परीक्षक और अन्यम सांविधिक एजेंसियों, जैसा कि संबंधित विधि, नियमों, विनियमों द्वारा आवश्य्क होगा, को संबंधित जानकारी समुचित रूप से सूचित करने हेतु आवश्यंक सभी कार्यवाही करेंगे।

  7. बैंक की आस्तियों एवं संसाधनों का प्रयोग

    निदेशक मंडल और केन्‍द्रीय प्रबंधन के प्रत्‍येक सदस्‍य का यह कर्त्‍तव्‍य है कि बैंक की आस्तियों एवं संसाधनों के विषय में कार्य करते हुए इनके विधिसम्‍मत हितों का विस्‍तार करे। निदेशक मंडल और केन्‍द्रीय प्रबंधन के प्रत्‍येक सदस्‍यों को निम्‍न कार्यों की मनाही है:

    • कॉर्पोरेट संपत्ति, सूचना या पद का इस्‍तेमाल व्‍यक्तिगत लाभ के लिए करना ;
    • बैंक की आस्तियों एवं संसाधनों के विषय में कार्य करते हुए किसी भी व्य क्ति से कोई भी मुल्यावान वस्तुत की अपेक्षा करना, मांग करना, स्वी कार करना या स्वीएकारने हेतु सहमति देना
    • बैंक की तरफ से किसी भी संव्यववहार संबंधी कार्य करना, जिसमें उसका अपना या अपने किसी रिश्ते‍दार का प्रत्यकक्ष या अप्रत्यीक्ष रूप से महत्वंपूर्ण हित जुड़ा हो।
  8. गोपनीयता और उचित व्यमवहार

    1. बैंक की गोपनीय जानकारी

      • बैंक की गोपनीय जानकारी एक बहुमूल्यप आस्ति होती है। इसमें व्यारपार सू जुड़ी सूचनाएं, व्याापारिक भेद, गोपनीय और विशिष्टय जानकारी, कर्मचारियों से जुड़ी जानकारी, कार्यनीति, प्रशासन, बैंक से संबंधित अनुसंधान और व्याटपारिक, विधिगत, वैज्ञानिक, तकनीकी डाटा शामिल है, जिसे निदेशक मंडल और केन्द्री य प्रबंधन के प्रत्ये क सदस्यम को बैंक द्वारा कागजी स्वजरूप में या इलेक्ट्रॉ लिक माध्य म से इस आशय से दिया गया है कि उनके काम में उससे सुविधा हो या बैंक में उनके पद के महत्वव से उन्हेंड इसे जानने या प्राप्ते करने का अधिकार है। गोपनीय जानकारी का उपयोग बैक के व्यांवसायिक प्रयोजनों के लिए किया जाए।
      • रिकॉर्ड के रखरखाव और प्रबंध के विषय में बैंक की नीति के अनुसार गोपनीय जानकारी को सुरक्षित रखना, संभालना और उचित तरीके से निपटारा करना इस जिम्मेीदारी में शामिल है। इस दायित्वस में अन्या पक्ष की गोपनीय जानकारी के प्रति दायित्वा भी शामिल है, जिसे बैंक ने प्रकट न करने के अनुबंध के तहत प्राप्त् किया है।
      • बैंक के व्यावसाय को आगे बढाने के लिए, भावी व्यनवसाय भागीदारों को गोपनीय जानकारी प्रकट होने की जरूरत हो सकती है। उसके संभाव्यक फायदों और जोखिमों को ध्या न में लेने के बाद ही ऐसा प्रकटीकरण किया जाए। अत्यंैत संवेदनशील जानकारी को दूसरे को सौंपते समय सावधानी ली जाए। भावी व्याावसायिक भागीदार द्वारा गोपनीयता करार पर हस्ता क्षर किए जाने के बाद ही जानकारी दी जाए।
      • बैंक में समुचित प्राधिकारी के कार्यक्षेत्र के बाहर प्रकाशित कोई भी सामग्री या जाहिरा तौर पर दिया गया कोई कथन, जिसका बैंक के साथ संबंध है, के साथ घोषणा पत्र दिया जाए कि प्रकाशन या कथन संबंधित लेखक के अपने विचार है न कि बैंक के।

    2. अन्य गोपनीय जानकारी

      अनेक कंपनीयों और व्यकक्तियों के साथ बैंक के अनेक प्रकार के व्याअवसायिक संबंध होते हैं। कभी-कभी वे बैंक को उनके साथ व्या वसायिक संबंध स्था पित करने हेतु मनाने के लिए अपने उत्पाबद या व्याीवसायिक योजना के बारे में गोपनीय जानकारी स्व्यं ही बता देते हैं। अन्य प्रसंगों में, बैंक उस पार्टी के साथ भावी व्या वसायिक संबंधों के विषय में मूल्यांाकन के उद्देश्या से अन्य पक्ष से गोपनीय जानकारी स्वबयं ही बता देते हैं। अन्ये प्रसंगों में, बैंक उस पार्टी के साथ भावी व्याावसायिक संबंधों के विषय में मूल्यांसकन के उद्देश्यै से अन्या पक्ष से गोपनीय जानकारी देने हेतु अनुरोध करता है। अत: निदेशक मंडल और केन्द्रीवय प्रबंधन के सदस्यों को अन्य पक्षों की गोपनीय जानकारी को जिम्मेेदारी के साथ संभालनें में सावधानी लेनी चाहिए। ऐसी गोपनीय जानकारी के साथ अन्ये पक्ष के साथ हुए करार के अनुसार ही कार्यवाही की जानी चाहिए।

      • प्रत्ये क निदेशक और केन्द्री य प्रबंधन के प्रत्ये,क सदस्य , महाप्रबंधक को विधिविरुद्ध तरीके से किसी भी प्रकार का लाभ लेने से रोकनेवाली विधियों, अध्या देशों, नियमों और विनियमों का पूर्णत: अनुपालन करना चाहिए।
      • निदेशक और केन्द्रीजय प्रबंधन के किसी भी सदस्यक को ग्राहकों, आपूर्तिकर्त्ताहओं, शेयरधारकों/हितधारकों इत्यािदि द्वारा किया गया पैसे का भुगतान, उपहार या किसी भी मूल्यर की कोई वस्तुइ देने का कोई प्रस्तासव या भ्ज्ञु्ेरगतान का कोई आश्वा सन या भुगतान का कोई प्राधिकार स्वीूकार नही करना चाहिए, जिसका प्रत्यतक्ष या अप्रत्येक्ष रूप से उद्देश्य‍ किसी व्याकवसायिक निर्णय, कोई कार्य करने या इसे विफल करने, किसी जालसाजीपूर्ण कार्य या जालसाजीपूर्ण कार्य करने के लिए अवसर को मदद/ प्रभावित करनेवाला हो।
 
  कॉर्पोरेट अनुशासन की अच्छीा कार्यपद्धतियां


निदेशक मंडल और केन्‍द्रीय प्रबंधन के प्रत्‍येक सदस्‍य को निम्‍नलिखित का अनुपालन करना होगा, जिससे कॉर्पोरेट अनुशासन की अच्‍छी कार्यपद्धतियों का अनुपालन सुनिश्चित हो सकें

    1. करें
      1. निदेशक मंडल की बैठकों में नियमित रूप से उपस्थित रहें और सलाह सूचना व चर्चाओं में सक्रिय सहभाग
      2. निदेशक मंडल के कागजातों को ध्यापन से पढें और सुनिश्चित समय सीमा के भीतर फॉलो अप रिपोर्टों की जानकारी प्राप्तम करें .
      3. सामान्यम नीतियों के निर्धारण में सक्रिय योगदान दें
      4. बैंक के स्थू‍ल उद्देश्योंा और सरकार द्वारा निर्धारित नीतियों तथा विविध विधियों व कानूनों से सुपरिचित हों .
      5. बैंक के कार्यसूची कागजातों, टिप्परणियों और कार्यवृत्तोंय की गोपनीयता सुनिश्चित करें .

    2. न करें

      1. बैंक के दैनंदिन कार्यकलापों में दखल न दें
      2. बैंक के किसी ग्राहक के विषय में कोई जानकारी किसी व्योक्ति को जाहिर न करें .
      3. अपने व्यकक्तिगत परिचय पत्र/पत्रशीर्षों पर बैंक का प्रतीकचिह्न/ विशिष्टि डिजाइन प्रदर्शित न करें .
      4. ऋणों, निवेशों, बैंक परिसर के लिए भवन या स्थािन, ठेकेदारों, वास्तुिविदों, डॉक्ट रों, वकीलों और अन्य् व्यकवसायिकों को अनुमोदित सूची में शामिल करने इत्यािदि के विषय में किसी प्रस्तादव को प्रायोजित न करें
      5. ऐसा कोई कार्य न करें, जो स्टालफ के अनुशासन, अच्छेी आचरण और प्रामाणिकता को बनाए रखने में बाधा डालें और अथवा प्रतिकूल हो.
 
  छूट

बैंक के निदेशक मंडल या केन्द्रीरय प्रबंधन के सदस्य के लिए इस आचरण संहिता के किसी प्रावधान से छूट के विषय में बैंक के निदेशक मंडल से लिखित रूप में अनुमोदन प्राप्तर करना आवश्येक है। आचरण संहिता में शामिल मसले बैक, इसके हितधारकों और इसके व्याडवसायिक भागीदारों के लिए और अपनी मूल्यानधारित व्य वस्थाह के अनुरूप अपने व्य वसाय के संचालन की बैंक की क्षमता के लिए अत्यं‍त महत्वदपूर्ण हैं

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