Andhra Bank
Facebook Twitter Youtube

टोल फ्री नंबर: 1800 425 1515

faqs
 
आम सवाल - अनिवासी भारतीय
 
bullet wh ओंवरसीज़ आस्तियां
bullet wh अनिवासी भारतीयों द्वारा सोने का आयात
bullet wh अनिवासी भारतीयों द्वारा चांदी का आयात
 
 bulateअनिवासी भारतीय कौन है (अनिवासी भारतीय) ?
greypt

कोई भारतीय नागरिक जो विदेश में अनिश्चित अवधि के लिए रहने हेतु मंशा दर्शाए अथवा भारत से बाहर व्यापार अथवा व्यवसाय अथवा रोज़गार हेतु विदेश में रहता है वह अनिवासी है । (जो व्यक्ति यू एन संगठनों में नियुक्त हों अथवा केन्द्रीय/राज्य सरकारों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा अस्थाई कार्य हेतु प्रतिनियुक्त अधिकारी भी अनिवासी माने जाते हैं)  भारतीय मूल के अनिवासी विदेशी नागरिक  भी अनिवासी भारतीयों के समान माने जाते हैं (अनिवासी) ।
 
 bulateभारतीय मूल का व्यक्ति कौन है ?
greypt

भारत में शेयर/प्रतिभूतियों में निवेश तथा बैंक खातों के खोलने एवं रख-रखाव की सुविधा के उद्देश्य से
एक विदेशी नागरिक (पाकिस्तान अथवा बांग्लादेश के नागरिक को छोड़कर) भारतीय मूल का माना जाएगा यदि :

  • उसके पास किसी भी समय भारतीय पासपोर्ट रहा हो ।

            अथवा
*  वह अथवा उसके माता अथवा पिता अथवा उसके कोई दादा अथवा दादी नागरिकता अधिनियम, 1955 (1955 का 57) अथवा भारत के संविधान द्वारा भारत के नागरिक थे । 
टिप्पणी : भारतीय मूल अथवा भारतीय नागरिक का पति अथवा पत्नी (पाकिस्तान अथवा बांग्लादेश का नागरिक न हो) भी उक्त उद्देश्यों हेतु भारतीय मूल का व्यक्ति माना जाता है बशर्ते कि ऐसे व्यक्ति द्वारा उनके अनिवासी भारतीय पति अथवा पत्नी के साथ संयुक्त रूप से भारत में शेयर/प्रतिभूतियों में निवेश अथवा बैंक खाते खोले गए हों ।
अचल सम्पत्तियों में निवेश हेतु कोई विदेशी नागरिक (पाकिस्तान,  बांग्लादेश, अफगानिस्तान, भूटान, श्रीलंका अथवा नेपाल के नागरिक के अलावा) भारतीय मूल का माना जाएगा यदि :

  • उसके पास कभी भी भारतीय पासपोर्ट रहा हो ।

    अथवा
वह अथवा उसके पिता अथवा उसके दादा नागरिकता अधिनियम, 1955 (1955 का 57) अथवा भारत के संविधान द्वारा भारत के नागरिक थे । 
 
 bulateओ सी बी क्या है ?
greypt

ओवरसीज़ कारपोरेट बॉडी (ओ सी बी) भारत से बाहर निवासी अथवा भारतीय मूल के व्यक्तियों द्वारा अधिसवामित्ववाली बॉडी हैं तथा इनमें भारत से बाहर मूल निवासी अथवा भारतीय राष्ट्रीयता के व्यक्तियों द्वारा न्यूनतम 60% की सीमा तक तथा ऐसे व्यक्तियों द्वारा अपरिवर्तनीय रूप में रखे न्यूनतम 60% हितकर ब्याज  वाले ओवरसीज़ ट्रस्ट, प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप में, स्वामितव वाली अन्य कारपोरेट बॉडी तथा समितियां, भागेदारी फर्म तथा ओवरसीज़ कम्पनियां सम्मिलित हैं । ऐसा स्वामितव वाला ब्याज उनके द्वारा रखा जाना चाहिए न कि नामिती के रूप में । अनिवासी भारतीयों को दी गई विभिन्न सुविधाएं ओ सी बी को, कुछ को छोड़कर, भी उपलब्ध हैं जबतक कि  अनिवासी भारतीयों द्वारा स्वामितव/हितकर ब्याज न्यूनतम 60% न हो ।
 
 bulateक्या ओ सी बी को एन आर आई द्वारा स्वामितव/हितकर ब्याज के सम्बन्ध में कोई प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की आवश्यकता है ?
greypt

हां । यह स्थापित करने के लिए कि एन आर आई द्वारा रखे किसी भी ओ सी बी में हितकर ब्याज/स्वामित्व 60% से कम नहीं है, सम्बन्धित ट्रस्ट/बॉडी  को फार्म ओ ए सी में प्रमाणित पब्लिक एकाउंटेंट/सनदी लेखाकार/ओवरसीज़ लेखा परीक्षक से एक प्रमाण पत्र देने की आवश्यकता है जहां स्वामित्व/हितकर ब्याज सीधे एन आर आई द्वारा रखा गया हो तथा यह भी कि ऐसा स्वामित्व उनके द्वारा वास्तव में है न कि नामिती के रूप में ।
 
 bulate एन आर आई/ओ सी बी को विभिनन सुविधाएं क्या हैं ?
greypt

एन आर आई/ओ सी बी को निम्नलिखित सुविधाएं प्रदान की गई हैं  :

  1. भारत में बैंक खातों का रख रखाव
  2. प्रतिभूति/शयरों में निवेश तथा भारतीय फर्म/कम्पनियों में जमा ।  
  3. भारत में अचल सम्पत्ति में निवेश  
लौटने वाले भारतीयों को सुविधाएं  
.......................................................................................................................................... top
ओंवरसीज़ आस्तियां
 
 bulateक्या भारत लौटने वाले भारतीयों को भारत लौटने के बाद भी विदेश में अपनी आस्तियां रखने की अनुमति है ?
greypt

17 जुलाई, 1992 से, केन्द्रीय सरकार ने विदेश में निधि/आस्तियों के सम्बन्ध में, एक वर्षै तथा अधिक तक लगातार विदेश में रहने के बाद भारत लौटने वाले व्यक्तियों को अभ्यर्पण आवश्यकता से छूट प्रदान की है बशर्ते कि जब वे भारत से बाहर थे भारत से बाहर व्यवसाय, रोज़गार द्वारा कमाई विदेशी मुद्रा से अथवा कि फेमा, 1973 का उल्लंघन न हो ।  आम छूट की शर्तें को पूरा करने वाले व्यक्ति विदेश में बैंकों से अपने विदेशी मुद्रा खाते रख सकते हैं तथा/अथवा अचल सम्पत्ति तथा व्यवसायस में निवेश, प्रतिभूतियों, शेयरों जैसी विदेशी मुद्रा आस्तियों को रख/अंतरण अथवा निपटान कर सकते हैं ।

 
 bulate क्या उन्हें इन आस्तियों को रखने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक से अनुमति लेनी होगी ?
greypt

 नहीं  
 
 bulate क्या इन ओवरसीज़ आस्तियों के उपयोग के सम्बन्ध में उन्हें स्वतन्त्रता है ?
greypt

हां । उन्हें इन आस्तियों के उपयोग तथा अर्जित आय अथवा बाद में प्राप्त बिक्री प्राप्तियों के उपयोग की पूर्ण स्वतन्त्रता होगी ।
 
 bulate क्या वे ओवरसीज़ आस्तियों को भारत ला सकते हैं तथा उन्हें अलग पहचान के साथ रख सकते हैं ?
greypt

हां । वे इन आस्तियों को भारत प्रत्यावर्तित कर सकते हैं तथा उन्हें निवासी विदेशी मुद्रा खाता योजना (नीचे भाग ख देखें) के अन्तर्गत अधिकृत डीलर से अलग से रख सकते हैं ।
 
.......................................................................................................................................... top
 
निवासी विदेशी मुद्रा (आर एफ सी) खाता योजना
 
 bulateनिवासी विदेशी मुद्रा (आर एफ सी) खाता योजना क्या है ?
greypt

भारतीय राष्ट्रीयता अथवा मूल के व्यक्ति जो भारत से बाहर लगातार एक वर्ष से अधिक रहे हों तथा स्थायी रूप से बसने हेतु (लौटने वाले भारतीय) 18 अप्रैल, 1992 को अथवा पश्चात भारत लौट आए हों, यह भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा अनुमोंदित योजना उन्हें भारत लाई निधि को रखने हेतु  भारत में बैंकों में विदेशी मुद्रा खाते आर एफ सी खाता खोलने की अनुमति प्रदान करती है यदि (क) विदेश में विदेशी मुद्रा आस्तियां भा रि बैं की अनुमति से रखी गई हों अथवा (ख) उन्हें पेंशन अथवा विदेश में तत्कालीन रोज़गारदाता से आर्थिक सुविधा मिलती हो ।

 
 bulateक्या अधिकृत डीलरों से ऐसे खाते खोलने हेतु भा रि बैं से अनुमति की आवश्यकता है  ?
greypt

नहीं  
 
 bulate आर एफ सी खाता किस मुद्रा में रखा जा सकता है ?
greypt

आर एफ सी खाता किसी भी परिवर्तनीय मुद्रा में रखा जा सकता है ।

 
 bulateलौटने वाले भारतीयों के खाते में कौन सी निधि जमा की जा सकती है ?
greypt

भारत लौटते समय स्थायी रूप से बसने हेतु साथ में लाई विदेशी मुद्रा की संपूर्ण राशि तथा लौटते समय एन आर ई तथा एफ सी एन आर खातों में शशि उनके आर एफ सी खातों में जमा की जा सकती है । विदेशी मुद्रा नोट/बैंक नोट/सात्री चैक के रूप में भारत लाई विदेशी मुद्रा, 10000 अमरीकी डॉलर अथवा उसके समकक्ष होने पर मुद्रा घोषणा फार्म में (सी डी एफ) कस्टम में घोषित की जानी चाहिए थी । विदेशी मुद्रा/बैंक नोट के मामले में,  फार्म सी डी एफ पर ऐसी अनिवार्य है यदि राशि 2500 यू एस डॉलर अथवा उसके समकक्ष हो ।  .

 
 bulate क्या लाभांश आदि के रूप में उनकी ओवरसीज़ आस्तियों से प्राप्त आय अथवा ऐसी  आस्तियों की बिक्री प्राप्तियां आर एफ सी खातों में जमा की जा सकती हैं ?
greypt

ऐसी सभी शिकायतों हेतु, ग्राहक स्थानीय बैंकिंग ओमबडसमन को शिकायत कर सकता है यदि बैंक उत्तर नहीं देता है ।
 
 bulateक्या खाताधारक को विदेश से प्राप्त पेंशनउसके आर एफ सी खाते में जमा की जा सकती है ?
greypt

हां ।  विदेश से प्राप्त पेंशन की संपूर्ण राशि  उसके आर एफ सी खाते में जमा की जा सकती है
 
 bulateस्थायी तौर पर बसने हेतु लौटने वाले अनिवासी भारतीयों को आर आई एफ ई ई सुविधा प्रदान की गई थी ।  क्या यह सुविधा अभी भी उपलब्ध है ?
greypt

नहीं । आर आई एफ ई ई सुविधा के स्थान पर अब आर एफ सी सुविधा है ।
 
 bulateक्या आर एफ सी खातों में निधि को विदेश प्रेषित किया जा सकता है ?
greypt

हां । आर एफ सी खातों में निधि यात्रा हेतु आवश्यक विनिमय अथवा अन्य व्यक्तिगत उद्देश्यों तथा निवेश हेतु सहित खाताधारक अथवा उसके आश्रितों के  वास्तविक उद्देश्य हेतु विदेश प्रेषित की जा सकती है ।
 
 bulateक्या आर एफ सी खातों में निधि का उपयोग स्थानीय भुगतान हेतु किया जा सकता है ?
greypt

हां ।  आर एफ सी खातों में निधि  को रूपए में स्थानीय भुगतान हेतु आहरित किया जा सकता है ।
 
 bulateक्या व्यवसाय अथैवा व्यापार, रोज़गार हेतु पुन: विदेश जाने के ईच्छुक लौटने वाला भारतीय अपनी निधि को एन आर ई/एफ सी एन आर खाते में अंतरित कर सकता है ?
greypt

हां ।  
 
 bulate क्या एक वर्ष से कम की लघु अवधि के पश्चात लौटने वाला भारतीय आर एफ सी खाता खोल सकता है ?
greypt

ऐसे खाते खोलने हेतु उनके आवेदन पर भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा ही विचार किया जाएगा । शिक्षा, प्रशिक्षण आदि हेतु विदेश गए व्यक्ति इस सुविधा हेतु पात्र नहीं हैं ।
 
.......................................................................................................................................... top
 
अनिवासी भारतीयों द्वारा सोने का आयात
 
 bulate क्या एन आर आई भारत में सोना ला सकते हैं ?
greypt

हां । एन आर आई 6 माह में एक बार अपने सामान के साथ 10000 ग्राम तक सोना भारत ला सकते हैं बशर्ते कि वे विदेश में लगातार 6 माह की अवधि तक रहे हों । .
 
 bulate सोना किस रूप में भारत लाया जा सकता है ?
greypt

आभूषणों सहित सोना किसी भी रूप में  भारत लाया जा सकता है ।  (पत्थरों तथा मोतियों से जडि़त आभूषणों को छोड़कर)
 
 bulateक्या एन आर आई को भारत में लाए सोने पर कस्टम-डयूटी देना आवश्यक है ?
greypt

हां । उन्हें प्रति 10 ग्राम सोना की दर से किसी परिवर्तनीय विदेशी मुद्रा में कस्टम डयूटी का भुगतान आवश्यक है ।
 
 bulate कोई एन आर आई कितनी बार सोना भारत ला सकता है ?
greypt

एक एन आर आई भारत में सोना 6 माह में एक बार ला सकता है ।
 
 bulateक्या यह आवश्यक है कि सोना लाने हेतु पात्रता हेतु एन आर आई को  भारत लौटने से पूर्व न्यूनतम 6 माह विदेश में रहना है ?
greypt

हां
 
.......................................................................................................................................... top
 
अनिवासी भारतीयों द्वारा चांदी का आयात
 
 bulateक्या एन आर आई भारत में चांदी ला सकते हैं ?
greypt

हां । एन आर आई अपने सामान के साथ 100 किलो तक चांदी भारत ला सकते हैं ।  
 
 bulateऐसे आयात पर देय डयूटी की दर क्या है ?
greypt

चांदी के आयात पर डयूटी की दर 500/- रू प्रति किलोग्राम है जोकि विदेशी मुद्रा में देय है ।
 
 bulateक्या वे सोना तथा चांदी दोनों ला सकते हैं ?
greypt

हां . .
 
 bulate क्या एन आर आई आयात किया सोना/चांदी निवासियों को बेच सकते हैं ?
greypt

हां । एन आर आई द्वारा लाया सोना/चांदी भारतीय रूपयों में भुगतान के विरूद्ध् बेचा जा सकता है । भा रि बैं ने यह अनुमति दी है कि भारत के निवासी व्यक्ति एन आर आई को  भारतीय रूपयों में रेखांकित चैक द्वारा भुगतान कर सकते हैं तथा ऐसा रूपया साधारण गैर निवासी रूपया एन आर आई विक्रेता के (एन आर ओ) खाते में जमा हो ।
 
.......................................................................................................................................... top
 
chiclogo