Andhra Bank
Facebook Twitter Youtube

टोल फ्री नंबर: 1800 425 1515

 
उचित व्यवहार संहिता
 
  उचित व्‍यवहार संहिता निम्‍न क्षेत्रों में लागू होता है

  •  ऋणों के लिए आवेदन ओर उनकी प्रक्रिया
  • ऋण मूल्‍यांकन और नियम/शर्तें
  • नियम व शर्तों में परिवर्तन सहित ऋण वितरण  
  • वितरणोपरि पर्यवेक्षण
  • अन्‍य सामान्‍य प्रावधान
 
  ऋणों के लिए आवेदन और प्रक्रिया


  • सभी प्रकार के ऋणों के लिए निर्धारित सभी आवेदन पत्रों में,  ग्रहीता द्वारा मांगी गयी ऋण राशि से संबंध न रखते हुए, प्रक्रिया हेतु शुल्‍क/प्रभार, यदि हों तो, तथा आवेदन अस्‍वीकार किये जाने पर वापस की जाने वाली राशि, अतिरिक्‍त प्रभार सहित  पूर्व भुगतान के विकल्‍प/ऐसे पूर्व भुगतानों के लिए देय ब्‍याज,  का विवरण सम्मिलित हैं.
  • रू 2.00 तक के प्राथमिकता क्षेत्र के अग्रिमों के मामले में ऋण कर्ता की वर्गीकरण श्रेणी के आधार पर मानकीकृत आवेदन पत्र अनुरोध पर मुफ्त में प्रदान किये जाते हैं.  इन आवेदन पत्रों में शुल्‍क और और प्रभार आदि की अनुसूची भी उपलब्‍ध है.
  • भरकर सौंपे गये आवेदन पत्रों की प्राप्‍ति सूचना विधिवत् दी जाएगी तथा उसमें यह भी सूचित किया जाएगा कि कब तक आवेदन का निपटान किया जाएगा.
  • यदि ऋणकर्ता की ओर से अतिरिक्‍त विवरण/लिखतों की आवश्‍यकता है, तो समुचित समय में उसे इसकी सूचना दी जाएगी.
  • क्रेडिट कार्डआवेदन सहित, ऋण राशि से बिना किसी संबंध के, सभी प्रकार के आवेदनों के संदर्भ में, बैंक द्वारा समुचित विचार किये जाने के बाद, यदि यह निर्णय लिया जाता है कि आवेदन स्‍वीकार्य नहीं है, तो बैंक को लिखित रूप में ऋणकर्ता को बताना होगा.
 
  ऋण मूल्‍यांकन और नियम व शर्तें

  • बैंक के नीतिगत दिशा निर्देश के अनुसार ऋणकर्ता द्वारा दिया गया आवेदन की प्रक्रिया होगी.  ऋणकर्ता की कर्मनिष्‍ठता जॉंचने के लिए मार्जिन और प्रतिभूति शर्तों के विकल्‍प के रूप में उनकी ऋण-पात्रता माना नहीं जाएगा. 
  • नियम व शर्तों सहित ऋण सीमा की मंजूरी की सूचना ऋणकर्ता को लिखित रूप में दी जाएगी तथा ऋणकर्ता से उन शर्तों व नियमों की स्‍वीकृति भी लिखित रूप में प्राप्‍त की जाएगी.
  • ऋण सुविधाओं को अधिचालित करने वाली शर्तें व नियम और अन्‍य सूचनाएं, जिन्‍हें दोनों बैंक और ऋण ग्रहीता ने मान लीं, को लेखाबद्ध् कर बैंक अधिकारी द्वारा प्राधिकृत किया जाएगा.  ऋण करार में उद्धृत सभी अनुसूचियों सहित ऋण प्रलेख की एक प्रति ऋणकर्ता को दिया जाएगा.
  • ऋण करार यथासंभव यह अंतर्विष्‍ट है कि ऋण सीमाओं की मंजूरी, सुविधाओं का अनुमोदन या निराकरण, जैसे कि ऋण मंजूरी में सहमत प्रयोजनों को छोड़कर अन्‍य प्रयोजनों के लिए जारी किये गये चेंकों का अस्‍वीकरण, मंजूरी सीमाओं से परे आहरणों का निराकरण, ऋण खाता अनुपयोज्‍य आस्ति के रूप में वर्गीकृत किये जाने के बाद या मंजूरी शर्तों का अनुपालन नहीं करने पर आहरणों का अनुमत नहीं करना, आदि,  बैंक के विवेकाधीन है.  ऋणकर्ता के व्‍यापार में वृद्धि होने पर, समुचित पुनरीक्षण किये बिना, उनकी ऋण आवश्‍यकताओं को पूरा करने के लिए बैंक जिम्‍मेदारी नहीं लेता.
  • संघीय ऋण प्रबंधन के अंतर्गत यदि ऋण दिया जाना है तो, सहभागी बैंक मूल्‍यांकन को पूरा करने और वित्‍तीय सहायता के निर्णय के लिए या अन्‍यथा के लिए समय सीमा तैयार करते हैं और समुचित समय के अंदर आवेदक को सूचित करते हैं.
 
  नियम व शर्तों में परिवर्तन सहित ऋण वितरण

  • ऋण प्रलेखों का निष्‍पादन सहित मंजूरी के लिए निर्दिष्‍ट नियम व शर्तों के पूर्ण अनुपालन करने के बाद मंजूर किये गये ऋणों का समय पर वितरण सुनिश्चित किया जाएगा.
  • ब्‍याज दर और सेवा प्रभारों सहित नियम व शर्तों में किसी प्रकार के परिवर्तन यदि हो तो ऋणकर्ताओं को सूचित किया जाएगा.
  • ब्‍याज दर और सेवा प्रभारों में परिवर्तन भावी रूप से ही प्रभावी होंगे
  वितरण के बाद पर्यवेक्षण
  1. वितरण के बाद पर्यवेक्षण, विशेषकर रू 2.00 लाख तक के ऋणों के मामले में, ऋणकर्ता की वास्‍तविक कठिनाइयों को ध्‍यान में रखते हुए निर्माणात्‍मक दृष्टिकोण अपनाया जाएगा.  
  2. ऋणकर्ता से ऋण वापस/त्‍वरित अदायगी या करार के अंतर्गत शीघ्र काय्र निष्‍पादन की मांग या अतिरिक्‍त प्रतिभूतियों की मांग करने से पूर्व बैंक उसे समुचित नोटिस देगा. 
  3. ऋण के अंतिम और पूर्ण निपटान के बाद ऋण से संबंधित सभी प्रतिभूतियॉं वापस दी जाएंगी बशर्ते कि बैंक को ऋणकर्ताओं के अन्‍य दावों के प्रति अन्‍य कोई कानूनी अधिकार या ग्रहणाधिकार न हो. 
 
 सामान्‍य

  • बैंक ऋण प्रलेखों के नियम व शर्तों में बताये गये व्‍यवहारों को छोड़कर ऋणकर्ताओं के अन्‍य व्‍यवहारों में हस्‍तक्षेप तब तक नहीं करेगा (यदि कोई नई सूचना, जिसे ऋणकर्ता द्वारा पहले नहीं बतायी गयी हे, तथा ऋणदाता के रूप में बैंक की दृष्टि में आती है तो हस्‍तक्षेप कर सकता है.)
  • अपनी ऋण नीति में बैंक लिंग, जाति या धर्म के आधार पर कोई भेद-भाव नहीं दिखाता.  तथापि यह शाखा प्रबंधक को समाज के कमजोर वर्गों के लिए बनायी गयी ऋण सहायता योजनाओं में भाग लेने के लिए प्रतिरोध नहीं है.
  • ऋणों की वसूली के लिए ऋणकर्ताओं पर जोर जबर्दस्‍ती या वक्‍त़-बेवक्‍त़ लगातार परेशान नहीं किया जाएगा.
  • ऋणकर्ता द्वारा या बैंक/वित्‍तीय संस्‍थान द्वारा ऋण खाते के अंतरण के लिए अनुरोध मिलता है तो अनुरोध की प्राप्ति के 21 दिनों के अंदर बैंक की सहमति/निराकरण की सूचना दी जाती है.
 
  शिकायतें

आवेदक/ऋणकर्ता को यदि कोई शिकायत है तो उनको संबंधित शाखा में लिखित रूप में शिकायत देनी होगी.  शाखा के अधिकारी शिकायत के निवारण के लिए तुरंत प्रयास करेंगे.     .
 
 शिकायत निवारण प्रक्रिया

शाखा/नियंत्रक कार्यालय स्‍तर पर मंजूर किये गये ऋणों से संबंधित सभी विवाद मंजूरी प्राधिकारी के अगले उच्‍च स्‍तर के अधिकारी द्वारा सुने और निपटाये जाएंगे.  अत: निम्‍न शिकायत निवारण प्रक्रिया बैंक में लागू हे.

निर्णयाधिकार स्‍तर शिकायत निवारण अधिकारी का स्‍तर
शाखा आंचलिक कार्यालय (दूसरे स्‍तर के अधिकारी)
आंचलिक कार्यालय (दूसरे स्‍तर के अधिकारी) आंचलिक कार्यालय प्रथम स्‍तर के अधिकारी
आंचलिक कार्यालय (प्रथम स्‍तर के अधिकारी समप्र या उमप्र) प्रधान कार्यालय
आंचलिक कार्यालय (प्रथम स्‍तर के अधिकारी मप्र) प्र का  के  म प्र (ऋण) कार्यपालक निदेशक
कार्यपालक निदेशक अध्‍यक्ष व प्रबंध निदेशक
अध्‍यक्ष व प्रबंध निदेशक प्रबंधन समिति
 
chiclogo