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प्रधानमंत्री रोजगार उन्मुख कार्यक्रम (पीएमईजीपी)
 

भारत सरकार, सूक्ष्म  लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री रोजगार योजना (पीएमआरवाई) एवं ग्रामीण रोजगार उन्मुख कार्यक्रम (आरईजीपी) दोनो योजनाओं का विलय करके ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रो में सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना से रोजगार उन्मुख के लिए नई ऋण सहायता युक्त कार्यक्रम की शुरुआत

 
 उद्देश्य

  • देश के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में नये स्व रोजगार उद्यम/ सूक्ष्म उद्यम स्थापित करके रोजगार के अवसर पैदा करना
  • देश में पारंपरिक एवं भावी कारीगरों के बडे हिस्से और ग्रामीण और शहरी बेरोजगार युवाओं को सतत एवं दीर्घकालिक रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए ताकि ग्रामीण युवाओं के शहरी क्षेत्रों में प्रव्रजनन को रोकने में सहायता कर सकें
  • कारीगरों की श्रमजीवीं क्षमता को बढाने एवं ग्रामीण और शहरी रोजगार वृद्धि दर बढाने में योगदान देना
 
  पात्रता

  1. 18 वर्ष से अधिक उम्र का कोई भी व्‍यक्तिगत
  2. पीएमईजीपी के अंतर्गत प्रोजेक्‍ट स्‍थापित करने में सहायता करने के लिए कोई आय सीमा नही किंतु सहायता विशेषत: पीएमजीईपी के तहत मंजूर नई परियोजनाओं पर ही उपलब्‍ध है.
  3. विनिर्माण क्षेत्र में रु.10.00 लाख से अधिक की लागत से परियोजनाओं के स्‍थापन के लिए और रु.5.00 लाख से ऊपर व्‍यवसाय/सेवा क्षेत्र लाभार्थी कम से कम 8वीं उत्‍तीर्ण की शैक्षणिक योग्‍यता रखता हो.
  4. स्‍वयं सहायता समूह (गरीबी रेखा से नीचे के लोगो सहित जिन्‍होंने अन्‍य किसी सहायता का लाभ नही उठाया है) पात्र है.
  5. एक परिवार(पति एवं पत्‍नी सहित) से एक ही व्‍यक्ति पात्र है.
  6. विद्यमान इकाईयॉं/ दूसरी योजनाओं में सर‍कारी छूट प्राप्‍त इकाईयॉं पात्र नही.
  7. नकारात्‍मक सूची में शामिल गतिविधियों के अतिरिक्‍त सभी नये जीवनक्षम सूक्ष्‍म उद्यम, ग्राम्‍य उद्योग सहित परियोजनाओं पर लागू है.
 Ceiling on Project cost

  1. विनिर्माण क्षेत्र में स्‍वीकार्य परियोजना/इकाई की अधिकतम लागत रु. 25.00 लाख.
  2. व्‍यवसाय/ सेवा क्षेत्र क्षेत्र में स्‍वीकार्य परियोजना/इकाई की अधिकतम लागत रु. 25.00.
 
  बैंक वित्‍त

  1. सामान्‍य श्रेणी में 90%    
  2. विशेष श्रेणी में 95%   
 
  लाभार्थी योगदान

  1. सामान्‍य श्रेणी के लिए परियोजना लागत का 10%  
  2. विशिष्‍ट श्रेणी जैसे एससी/एसटी/ओबीसी/अल्‍पसंख्‍यक/महिलाएं/भूतपूर्व सैनिक/ शा.वि. आदि की स्थिति में : परियोजना लागत का 5% .
 
  रियायत दर

 

शहरी क्षेत्र

ग्रामीण क्षेत्र

सामान्‍य श्रेणी के लिए

परियोजना लागत का 15%   

परियोजना लागत का 25%

विशेष श्रेणी के लिए

परियोजना लागत का 25%  

परियोजना लागत का 35%       

 
  कार्यान्वित संस्‍थाएं

राष्‍ट्रीय स्‍तर राज्‍य निदेशक खादी और ग्रामीण औद्योगिक आयोग(केवीआईसी), मुबंई, राज्‍य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड (केवीआईसी) और राज्‍य स्‍तरीय जिला औद्योगिक केन्‍द्र   

 
  पहचान

केवीआईसी/राज्‍य केवीआईबी और राज्‍य डीआईसी एवं बैंकों के प्रतिनिधियों का कार्य बल के द्वारा की जायेगी
 
  चुकौती

संबंधित बैंक द्वारा निर्धारित प्रारंभिक अधिस्‍थगन के बाद 3 से 7 वर्ष
 
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